राष्ट्रीय एकता व भारतीय संविधान - वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संगोष्ठी विश्वविद्यालयों में मूल कर्तव्यों का ज्ञान कराने का अभियान चलाया जायेगा कर्तव्यों के निर्वहन से ही बनी रहेगी राष्ट्रीय एकता -राज्यपाल

राष्ट्रीय एकता व भारतीय संविधान - वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संगोष्ठी विश्वविद्यालयों में मूल कर्तव्यों का ज्ञान कराने का अभियान चलाया जायेगा कर्तव्यों  के निर्वहन से ही बनी रहेगी राष्ट्रीय एकता -राज्यपाल
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राष्ट्रीय एकता व भारतीय संविधान - वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संगोष्ठी
विश्वविद्यालयों में मूल कर्तव्यों का ज्ञान कराने का अभियान चलाया जायेगा
कर्तव्यों  के निर्वहन से ही बनी रहेगी राष्ट्रीय एकता
-राज्यपाल

जयपुर, 26 नवम्बर। राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि संविधान में राष्ट्रीय एकता का स्वरूप है। यह हमारा मार्ग दर्शक है। आमजन को संविधान की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता, अखण्डता व सामाजिक समस्सता के लिए कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा, ताकि हमारी राष्ट्रीय एकता अक्षुण्ण बनी रहे।

राज्यपाल श्री मिश्र मंगलवार को यहां इन्द्रलोक सभागार में अधिवक्ता परिषद, राजस्थान द्वारा संविधान पर राष्ट्रीय एकता एवं भारतीय संविधान वर्तमान परिप्रेक्ष्य में विषयक संगोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। राज्यपाल मिश्र ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारम्भ किया।

राज्यपाल ने कहा कि संविधान ही हमारे लिए गीता, वेद, मनुस्मृति है। उन्होंने कहा कि दुनिया की किसी भी ताकत से हमारी एकता को कोई खतरा नही है। राज्यपाल श्री मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालायों में मूल कत्र्तव्यों का ज्ञान कराने के लिए अभियान चलाया जायेगा। श्री मिश्र का मानना था कि देश की युवा पीढी को मूल कर्तव्यों के बारे में बताया जाना आवश्यक है। वहां संविधान के अनुच्छेद 51 क पर विचार - विमर्श करने के लिए गोष्ठियां व सेमीनार आयोजित की जावे। समारोह में न्यायाधिपति न्यायामूर्ति श्री संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि भारतीय संविधान में भारतीयता का दर्शन है। ऋग्वेद व अथर्ववेद में सभा और समिति का उल्लेख है। इस मौके पर अधिवक्तागण मौजूद थे।

                               
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