मुश्किल हालात में हमें चिकित्साकर्मियों का हौसला बढ़ाना चाहिए -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

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मुश्किल हालात में हमें चिकित्साकर्मियों का हौसला बढ़ाना चाहिए 
 -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर, 25 मार्च। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ और नसिर्ंग कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना पीडितों को बचाने में लगे हुए हैं। कुछ जगहों से सूचना मिली है कि कोरोना संक्रमण के डर के चलते उनके  मकान मालिक उनसे मकान खाली करने के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऎसा करना अपराध है। यदि प्रदेश में ऎसा कोई मामला सामने आया तो उस मकान मालिक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मुश्किल हालात में हमें चिकित्साकर्मियों का हौसला अफजाई कर उनका सहयोग करना चाहिए।  

मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों में आइसोलेशन और आईसीयू के बैड्स बढ़ाए
डॉ. शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी को मात देने के लिए विभाग पूरी तरह सजग और मुस्तैद है। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में आइसोलेशन और आईसीयू के बैड्स में बढोतरी की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1 लाख बैड क्वारेंटाइन तैयार कर लिए गए हैं। जयपुर में 3-4 विभागों के बैड्स को मिलाकर 500 बैड्स के आइसोलेशन की सुविधा हमने तैयार की है। इनमें 54 आईसीयू बैड हमने आरक्षित किए हैं। कोरोना के लिए अलग से ओपीडी भी चरक भवन में की गई है। राजस्थान के होटल्स, हॉस्टल्स आदि को काम में लिया जा रहा है।

कोरोना से लड़ने के लिए उपकरण और सामग्री की नहीं आने देंगे कमी
चिकित्सा मंत्री ने आमजन को आश्वस्त किया कि राज्य में कोरोना के मामले में हालात काबू में है। विभाग ने हाल ही वेंटिलेटर्स और उपकरण खरीदने के आदेश दे दिए हैं। किसी भी प्रकार के उपकरणों और सामग्री की कमी नहीं आने दी जाएगी। युद्ध स्तर पर कोरोना वायरस से लड़ा जा रहा है।

राज्य में अब तक 36 पॉजीटिव केस
उन्होंने बताया कि अब तक 1100 से ज्यादा सैंपल राजस्थान में लिए गए हैं। इनमें कल तक 32 पॉजीटिव थे। ताजा आंकड़ों के अनुसार अब 36 मरीज पॉजीटिव हो गए हैं। इसमें 3 लोग भीलवाड़ा और 1 जोधपुर से है। भीलवाड़ा में अब 16 पॉजीटिव केस हो गए हैं, जो कि प्रदेश में सर्वाधिक हैं। जयपुर में 8 पॉजीटिव केसेज आए हैं।

राज्य के लॉकडाउन के फैसले का अन्य राज्यों ने भी किया अनुसरण
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोरोना के नियंत्रण और रोकथाम के लिए राजस्थान शुरू से ही सजग और चौकन्ना रहा। पहला केस आते ही मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महामारी के प्रति गंभीरता बरती गई। लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंस, बैठकें हुईं, महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। राजस्थान पहला राज्य था जिसने देश भर में सबसे पहले 22 से 31 मार्च तक लॉकडाउन करने का निर्णय लिया था। हमारे इस फैसले को देश के अन्य राज्यों ने भी अनुसरण किया। मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री ने भी 21 दिनों के लिए देश के लॉकडाउन का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन कर्फ्यू जैसा ही है। घरों से बाहर ना निकलने की हिदायत दी गई है। यदि आप घर से बाहर निकलेंगे तो कम्यूनिटी स्प्रेड की आशंका बढ़ेगी, जिसके समाज संक्रमित हो सकता है।

विदेशों से आने वाले मरीजों को कर रहे हैं क्वारेंटाइन
डॉ. शर्मा ने कहा कि जोधपुर में मिडिल ईस्ट से 277 लोगों को बचाकर भारत लाए लोगों को आर्मी क्षेत्र में क्वारेंटाइन किया है। इनमें 149 महिला और 128 पुरुष हैं। इन सबकी जांच की गई है। इन सबकी नेगेटिव रिपोर्ट आई है। राजस्थान में इससे पहले जैसलमेर में 490 लोगों को इरान से लाकर क्वारेंटाइन किया गया था। हमने जोधपुर और अलवर में भी यह सुविधा विकसित की है।

19 हजार लोगों की हो चुकी मौत, आमजन करें सरकार गाइडलाइन का अनुसरण
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोरोना से दुनिया की स्थिति भयावह हो रही है। अब तक 4 लाख 22 हजार से पॉजीटिव केसेज के रूप में सामने आ चुके हैं। इनमें से करीब 19 हजार लोग मौत के मुंह में जा चुके हैं। इसके संक्रमण से पूरी दुनिया, देश और प्रदेश गुजर रहा है। हम एक सावधान और जागरूक नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। इस दौर में सरकार जो भी कदम उठा रही है, उनका अक्षरशः पालन करना चाहिए।

बाहर से आने-जाने वालों की सूचना कंट्रोल रूम  को दें
डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि राज्य के बाहर से आने वाले लोगों के लिए हमने एसडीएम, तहसील, जिला मुख्यालयों पर कंट्रोल रूम बनाया है। उनके नंबर आमजन की जानकारी के लिए प्रचारित-प्रसारित करवाए जा रहे हैं। जो कोई भी व्यक्ति पड़ौसी राज्य या विदेश से गांव में आता है, तो वहां के ग्राम सेवक, पटवारी, सरपंच, मीडिया या अन्य जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है वे इसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दे। ताकि चिकित्सा विभाग समय पर उनकी स्कि्रनिंग कर सके। ऎसा करने पर हम कम्यूनिटी स्प्रेड से बच सकते हैं।

कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोए
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि जिस तरह राज्य के मुख्यमंत्री ने 2 हजार करोड़ रुपए का पैकेज कोरोना महामारी से लड़ने के लिए देकर एक संकल्प लिया है कि किसी भी व्यक्ति को भूखा नहीं सोने दूंगा। उन्होंने कहा कि मेरी प्रशासन, पुलिस और आमजन से यह गुजारिश है कि मुख्यमंत्री के संकल्प का पालन करवाएं। कोई भी गरीब आदमी, दिहाड़ी मजदूर, कोई भी जरूरतमंद परिवार भूखा नहीं सोए।

आमजन करे पूरा सहयोग
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आमजन से घरों से ना निकलने का आव्हान कर चुके हैं। इस पहल में आम आदमी के सहयोग की हमें जरूरत है। पूरी दुनिया गंभीर हालात के दौर से गुजर रही है। आमजन मेहरबानी करके घरों से नहीं निकलें। इससे थोड़ी परेशानी होगी लेकिन इससे हम स्वयं के अलावा परिवार, समाज, प्रदेश और देश को इस महामारी से बचा सकते हैं।

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